अंबिकापुर. फंडूरडीहारी बिचपारा इलाके में निजी रास्ते को लेकर विवाद ने स्थानीय निवासियों को परेशान कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग में स्टेनोग्राफर पद पर तैनात अल्मा तिर्की द्वारा उनके पूर्व से उपयोग में आए निजी रास्ते पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
निवासियों के अनुसार, यह रास्ता निजी राजस्व पट्टे वाली जमीन पर स्थित है, जिसे उन्होंने लगभग 25 वर्ष पूर्व खरीदते समय विक्रेता द्वारा आवागमन के लिए उपलब्ध कराया गया था। इस रास्ते का उपयोग न केवल स्थानीय परिवारों द्वारा किया जाता रहा है, अल्मा तिर्की ने अपनी भूमि पर मकान बनाकर बाउंड्रीवाल खड़ी की और दूसरे रास्ते से निकासी सुनिश्चित की , लेकिन अब उन्होंने पुराने रास्ते पर दीवार तोड़कर गेट लगाने और उसे अपने उपयोग में लेने का प्रयास शुरू कर दिया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अल्मा तिर्की द्वारा उन्हें इस रास्ते पर आवागमन से रोका जा रहा है। यहां तक कि बच्चों को खेलने से भी मना किया जाता है और विरोध करने पर गाली-गलौज तथा बदसलूकी की जाती है। परेशान होकर निवासियों ने रास्ते में गेट लगाकर ताला जड़ दिया है, ताकि कब्जे को रोका जा सके। उनका दावा है कि अल्मा तिर्की का दूसरा रास्ता अभी भी खुला हुआ है और वे उसी का उपयोग कर सकती हैं।
इस विवाद को लेकर अल्मा तिर्की ने स्थानीय निवासियों के खिलाफ थाने और राजस्व कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है, जिसका मामला वर्तमान में अनुविभागीय कार्यालय में लंबित है। बावजूद इसके बिना किसी अंतिम निर्णय के रास्ते पर कब्जे की कोशिश जारी बताई जा रही है।
निवासियों ने बताया कि लगातार हो रही मानसिक प्रताड़ना और बदसलूकी से उनका जीवन प्रभावित हो रहा है। वे प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप और न्याय की मांग कर रहे हैं, ताकि पुराने रास्ते का उपयोग निर्विवाद रूप से जारी रह सके और शांति बहाल हो।
प्रशासनिक अधिकारियों से इस मामले में जांच और उचित कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।




