अंबिकापुर. सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्र में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, सेक्टर सुपरवाइजर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की कथित मिलीभगत से मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां पहले से विवाहित और बच्चे की मां एक महिला का 10 फरवरी 2026 को अंबिकापुर में सामूहिक मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत दोबारा विवाह करा दिया गया, ताकि सरकारी प्रोत्साहन राशि और उपहारों का गलत लाभ उठाया जा सके।
मामला अरगोती सेक्टर के ग्राम अरगोती मुंडापारा आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़ा है। सूत्रों के अनुसार, सुगंति लकड़ा (पिता: बुधराम लकड़ा, निवासी: अरगोती जंगलपारा) नामक युवती का अजय बरवा (पिता: लॉरेंस बरवा, निवासी: जोकपानी, अंबिकापुर) से प्रेम संबंध था। दोनों के बीच पहले से ही सामाजिक रीति-रिवाज से विवाह हो चुका था—8 जनवरी 2026 को मंडप सजा, 10 जनवरी 2026 को विवाह संपन्न हुआ और 12 जनवरी 2026 को ही युवती ने एक बच्चे को जन्म दिया।
इसके बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सेक्टर सुपरवाइजर ने नियमों की अनदेखी कर फॉर्म भरवाया और 10 फरवरी 2026 को अंबिकापुर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के सामूहिक समारोह में उनका दोबारा विवाह करा दिया। योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता (प्रति जोड़े 50,000 रुपये तक, जिसमें उपहार, श्रृंगार सामग्री और नकद राशि शामिल) और अन्य लाभ भी दिलाए गए।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने मानी गलती
जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समुद्री सिंह से इस बारे में पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की और कहा, “मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी कि सुगंति पहले से शादीशुदा है और उसका बच्चा भी है।”
सुपरवाइजर और अधिकारियों की चुप्पी
सेक्टर सुपरवाइजर रूप कुमार से फोन पर और फील्ड में संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने न फोन उठाया और न ही मिलने आए। परियोजना अधिकारी असीम शुक्ला ने भी फोन नहीं उठाया और कार्यालय में भी उपलब्ध नहीं थे। जिला परियोजना अधिकारी जे.आर. प्रधान ने कहा, “मेरे पास अभी कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।”
यह मामला मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के उद्देश्य—गरीब, अविवाहित कन्याओं की शादी में आर्थिक सहायता पहुंचाना—के खिलाफ है। योजना के नियमों के अनुसार केवल अविवाहित, 18 वर्ष से अधिक आयु की गरीब परिवार की कन्याएं ही पात्र हैं। पहले से विवाहित जोड़ों को लाभ देना सरकारी धन के दुरुपयोग का स्पष्ट मामला है।
स्थानीय लोगों और सूत्रों का आरोप है कि प्रोत्साहन राशि की बंदरबांट के लिए यह मिलीभगत की गई। मामले की जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है, ताकि योजना का वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच सके।





