सरगुजा. अंबिकापुर के गुदरी चौक में एक निजी अस्पताल को अवैध निर्माण बताकर तोड़ने पहुंची नगर निगम की टीम और बड़ी संख्या में पुलिस बल के बीच तनावपूर्ण माहौल बन गया. इस दौरान समाचार कवरेज कर रहे स्थानीय पत्रकार सुशील बखला पर भाजपा से जुड़े कुछ गुंडों ने जानलेवा हमला कर दिया. हमलावरों ने पत्रकार को बुरी तरह पीटा और साथ ही अस्पताल के डॉक्टर की कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया.
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नगर निगम की टीम अस्पताल की तोड़फोड़ के लिए पहुंची थी, लेकिन स्थानीय भाजपा समर्थकों ने विरोध जताते हुए पत्रकार पर हमला बोल दिया. हमले में पत्रकार सुशील बखला को गंभीर चोटें आईं, जबकि डॉक्टर की कार के शीशे और बॉडी को भारी नुकसान पहुंचा. यह घटना प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर रही है, जहां सत्ताधारी दल के गुर्गे खुले आम हिंसा कर रहे हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है.
पत्रकारों और कांग्रेस नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. पीड़ित पत्रकार सुशील बखला के समर्थन में अंबिकापुर के सभी पत्रकार संगठनों ने एकजुट होकर कोतवाली थाने के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा शासन में गुंडागर्दी चरम पर पहुंच गई है, जहां पत्रकारिता करने वालों को भी नहीं बख्शा जा रहा.
यह घटना साबित करती है कि अंबिकापुर में कानून का राज केवल कागजों तक सीमित रह गया है. सत्ताधारी दल के इशारे पर गुंडे खुलेआम हमले कर रहे हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन चुप्पी साधे हुए है. प्रदेश सरकार पर यह एक करारा तमाचा है कि उसके कार्यकर्ता कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं.
प्रशासन से मांग है कि दोषियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. अन्यथा, यह घटना पूरे छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता और लोकतंत्र पर हमले के रूप में देखी जाएगी.



