अंबिकापुर. सरगुजा जिले के मुख्यालय अंबिकापुर में नगर निगम द्वारा सप्लाई किए जा रहे पेयजल के दूषित होने से स्वास्थ्य संकट गहरा गया है. पिछले एक महीने में शहर के नवागढ़, अयान मार्ग, मोमिनपुरा और मोहम्मद किदवई वार्ड जैसे इलाकों में पीलिया (Jaundice) के कम से कम 42 मामले सामने आए हैं, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. स्वास्थ्य विभाग की जांच में पुष्टि हुई है कि नगर निगम के नलों से आने वाला पानी बैक्टीरिया से दूषित है, जिससे यह जानलेवा साबित हो रहा है.
जांच रिपोर्ट से खुलासा…
शुरुआत में नवागढ़ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने 14 फरवरी को प्रभावित इलाकों के कई घरों से पानी के सैंपल लिए थे. इनमें से 10 घरों के सैंपल अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जांच के लिए भेजे गए. जांच रिपोर्ट में पानी में ई-कोलाई (E. coli) और फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी पाई गई, साथ ही बैक्टीरियल लोड 22-28 MPN तक दर्ज किया गया. यह स्तर पीने के पानी के लिए सुरक्षित सीमा से कहीं अधिक है, जिससे पीलिया वायरस (हेपेटाइटिस A या E) फैलने का खतरा बढ़ गया है.
इस खुलासे के बाद सीएमएचओ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए PHE (Public Health Engineering) विभाग के कार्यपालन अभियंता को पत्र लिखा और दूषित पानी की सप्लाई रोकने तथा तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया.
शहर के लोगों में दहशत, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर
रिपोर्ट आने के बाद इलाकों में दहशत का माहौल है. लोग दूषित पानी पीने से बीमार पड़ने के डर से परेशान हैं. स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है और वार्डों में घर-घर जाकर पानी के नए सैंपल ले रहा है. नगर निगम की जल विभाग की टीम भी जांच में जुटी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पीलिया सिर्फ दूषित पानी से फैला है या अन्य कारण भी हैं.
फिलहाल शुरुआती जांच दूषित पेयजल को मुख्य वजह बता रही है. विभाग ने लोगों से उबला हुआ या फिल्टर किया पानी ही पीने, अच्छी साफ-सफाई रखने और लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाने की सलाह दी है.
प्रशासन की लापरवाही पर सवाल..?
नगर निगम की ओर से पाइपलाइन में लीकेज, सफाई की कमी और नियमित जांच न होने के आरोप लग रहे हैं. स्थानीय लोग इसे प्रशासन की लापरवाही बता रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम अब मिलकर स्थिति संभालने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द साफ पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो.
यह घटना अंबिकापुर शहर में जल संकट और स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर रही है.



