Explore

Search

February 20, 2026 4:37 am

लेटेस्ट न्यूज़

उन्नयन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट,डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत परिजनों में मातम 

अम्बिकापर. सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम कुन्नी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डॉक्टर और स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में समय पर डॉक्टर और नर्स उपलब्ध नहीं होने से स्वीपर के द्वारा गर्भवती महिला का प्रस्ताव कराया जा रहा था प्रसव कराने के दौरान बच्चा फस गया सूचना पर डॉक्टर अस्पताल पहुंचे और प्रसव कराया गया तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी।इधर परिजनों ने आरोप लगाया है कि समय पर डॉक्टर और नर्स अस्पताल में मौजूद होते तो यह स्थिति निर्मित नहीं होती और शायद आज बच्चा जीवित होता। घटना के बाद से परिवारजनों में शोक का माहौल व्याप्त है और उन्होंने शासन प्रशासन से न्याय की मांग की है। वर्ष 2025 में शासन के द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया।लेकिन जो व्यवस्था शासन प्रशासन को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध करानी थी वह व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं हो सकी डॉक्टर और स्टाफ की कमी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरीके चरमरा गई है। स्टाफ और डॉक्टरों की कमी की वजह से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ स्वीपर सहित अन्य स्टेफन के द्वारा लोगों का इलाज किया जाता है। मिली जानकारी के मुताबिक गर्भवती गौरी यादव पिता सूरजमल यादव ग्राम जमदरा निवासी का मैनपाट ब्लॉक के ग्राम सुपलगा में विवाह हुआ था। गर्भवती महिला गौरी यादव अपने मायका ग्राम जमदरा आई हुई थी प्रसव पीड़ा होने पर 16 फरवरी 2026 दिन मंगलवार की रात लगभग 11:00 बजे परिजनों के द्वारा प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुन्नी ले जाया गया जहां डॉक्टर और स्टाफ नर्स नहीं होने पर स्वीपर श्याम पति के द्वारा जांच कर अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।17 फरवरी दिन बुधवार की सुबह लगभग 7 बजे स्वीपर श्याम पति के द्वारा प्रसव कराया जा रहा था प्रसव कराने के दौरान बच्चा फस गया इसी दौरान डॉक्टर अस्पताल पहुंचे और प्रसव कराया गया तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी नवजात की मौत के बाद परिजनों में मातम पसर गया वहीं परिजनों ने आरोप लगाया कि समय पर डॉक्टर और स्टाफ नर्स अस्पताल में उपलब्ध होते तो शायद उनका आज बच्चा जीवित होता। कुन्नी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगातार डॉक्टर नर्स और स्टाफ की कमी के कारण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है क्षेत्र के लोगों को मजबूरन चोला छाप डॉक्टरों से इलाज करने को विवश है। जबकि प्रभारी खंड चिकित्सा अधिकारी विनोद भार्गव के द्वारा समय-समय पर डॉक्टर और स्टाफ की कमी को लेकर पत्र के माध्यम से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया था। परंतु विभाग के आल्हा अधिकारियों और शासन प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की पहल नहीं की गई वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुन्नी में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने से अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर और नर्स पर किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है या शासन प्रशासन के द्वारा कब तक यहां डॉक्टर नर्स और स्टेफन की नियुक्ति की जाती है।

इस संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आप प्रसाद से बात करने पर उनके द्वारा बताया गया की तीन स्टाफ नर्सो के द्वारा छुट्टी लिया गया है एक डॉक्टर और एक नर्स के भरोसे अस्पताल का संचालन किया जा रहा है।कई बार आला अधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराया गया है किंतु डॉक्टर और स्टाफ की नियुक्ति नहीं की गई। वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर नर्स संहिता अन्य स्टेफन को लगातार ड्यूटी करने से उन्हें अनेकों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ATD News
Author: ATD News

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर