अम्बिकापर. स्कूल शिक्षा विभाग के मॉनिटरिंग पर उठा सवाल,,स्कूल शिक्षा व्यवस्था सुधार किए जाने हेतु सरकार के द्वारा कार्य किया जा रहा है ताकि शिक्षा स्तर में सुधार हो स्कूल शिक्षा विभाग के शासकीय स्कूलों का हाल तो आप जानते ही होंगे अब अशासकीय स्कूल का भी हाल अधिकारियों के लापरवाही से अजब किस्सा बना हुआ है, जहां निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा में निशुल्क पढ़ाई के नाम पर लाखों रुपए का बंदरबाट किया जा रहा है, मामला लखनपुर विकासखंड का एक ऐसा स्कूल जहां मान्यता तो किसी अन्य जगहों के स्कूल का मिला है मगर संचालन किया जा रहा है 20 किलोमीटर दूर किसी अन्य गांव में, मामला अचीवर पब्लिक स्कूल का है जहां कोरजा अचीवर पब्लिक स्कूल के नाम पर इस निजी स्कूलों को मान्यता मिली हुई है जिसमें आरटीई के तहत निशुल्क शिक्षा लेने हेतु 5 सीट आवंटित पहली कक्षा में की गई है जबकि उसे जगह पर किसी प्रकार का कोई निजी स्कूल संचालित नहीं है वही स्कूल प्रबंधन के पास संपर्क किए जाने के पश्चात पता चला कि इस स्कूल का मान्यता कोरजा से है और स्कूल का संचालन के एक निजी घर में संचालित की जा रही है जहां बच्चों के सुरक्षा व्यवस्था हेतु किसी प्रकार का कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है और ना ही उसे जगह पर किसी प्रकार का कोई आधिकारिक जानकारी है कि इस जगह पर स्कूल का संचालन किया जा रहा है उक्त स्कूल में करीब 120 बच्चे अध्यनरत हैं लेकिन स्कूल विभाग के अधिकारियों को पता नहीं की स्कूल का संचालन कितने वर्षों से इस जगह पर बगैर मान्यता का किया जा रहा है। जब इसकी जानकारी अधिकारियों के बीच पूछा गया तो कई अलग-अलग जानकारियां प्राप्त हुई बड़ी बात तो यह है कि विकासखंड पर शिक्षा के जो विकासखंड शिक्षा अधिकारी है उनके बयान सुनिए तो हंसी आ जाएगी क्योंकि वह एक विभाग की जिम्मेदार अधिकारी हैं मगर उन्हें निजी स्कूलों के संचालन एवं हो रहे कार्यों को लेकर कोई जानकारी उन्हें पता ही नहीं है।
नहीं हो रहा कोई स्कूल का संचालन,,संकुल समन्वयक कोरजा रामप्रवेश के द्वारा बताया गया कि यहां स्कूल का संचालन नहीं किया जा रहा है।
नोडल अधिकारी रंजना श्रीवास्तव प्राचार्य गुमगराकला के द्वारा बताया गया कि स्कूल का संचालन तो हो रहा है मगर बच्चे कितने अध्यनरत हैं इसकी कोई जानकारी नहीं।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी देव कुमार गुप्ता के द्वारा बताया गया कि मुझे निजी स्कूलों के बारे में कोई आईडिया नहीं है इसकी इसकी जानकारी आप एबीईओ मनोज तिवारी के पास पूछ लीजिए।
अचीवर पब्लिक स्कूल के संचालक भूपेंद्र जायसवाल के द्वारा बताया गया कि कोरजा में मान्यता मिला है आने वाले समय के मान्यता में स्थान सुधार कार्य करवायाजाएगा आरटीई के तहत एडमिशन भी लिया जाता है लेकिन स्कूल का संचालन अमगसी में किया जा रहा है, वही कहा कि प्रकाशन मत कीजिएगा मैं आपसे मिलता हूं।
अमगसी स्कूल के संचालन कर्ता संजय राम के द्वारा बताया गया कि उक्त स्कूल का संचालन किया जा रहा है इसकी सारी जानकारी अचीवर पब्लिक स्कूल के संचालक भूपेंद्र जायसवाल के पास पूछ लीजिए
जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार के द्वारा बताया गया कि यदि इस प्रकार का मामला है तो जानकारी भेजिए मैं जांच करवाता हूं।



