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February 4, 2026 6:47 am

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सरगुजा के लखनपुर में खुलेआम कोयला लूट : घुनघुट्टा नदी किनारे दिनदहाड़े अवैध खनन, बाइक गैंग से तस्करी, ईंट भट्टों में मोटी कमाई!

अंबिकापुर/लखनपुर. सरगुजा जिले के लखनपुर क्षेत्र में कोयला माफियाओं का काला कारोबार एक बार फिर बुलंद हौसलों के साथ फल-फूल रहा है. घुनघुट्टा नदी के किनारे गुमगरा कला और अमेरा खदान क्षेत्र में दिनदहाड़े अवैध खड्डे खोदकर कोयला निकाला जा रहा है, जिसे मजदूर नदी के पार एकत्रित कर बाइक और चारपहिया वाहनों के जरिए तस्करी कर रहे हैं. यह अवैध कोयला मुख्य रूप से चिमनी और गमला ईंट भट्टों में खपाया जा रहा है, जहां से मोटी कमाई हो रही है.

स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, कोयला तस्कर ग्रामीणों को आगे करके उत्खनन करवा रहे हैं. गुमगरा खालकछार, अमेरा खदान और आसपास के इलाकों में वर्षों से यह गोरखधंधा चल रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही. लखनपुर क्षेत्र लंबे समय से अवैध कोयला उत्खनन और तस्करी के लिए बदनाम रहा है. तस्कर अब तरीके बदल चुके हैं – भारी मात्रा में कोयला निकालकर बाइकर्स गैंग की मदद से ढुलाई की जा रही है, जिसे सूरजपुर जिले से सटे गांवों जैसे जमदई, कनदरई, नेवारडाढ़, रनपुर कला, सुखरी, सपना और लखनपुर के गुमगरा कला, गणेशपुर, बिनकरा, कोरजा, कटकोना सहित दर्जनों गांवों में संचालित अवैध गमला और चिमनी भट्टों में पहुंचाया जा रहा है.

इस पूरे इलाके में पांच किलोमीटर के दायरे में 5-6 चिमनी भट्टे और दर्जनों गमला ईंट भट्ठे अवैध रूप से चल रहे हैं. कोयला तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम मजदूरों से खनन करवा रहे हैं और परिवहन कर रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की मिलीभगत से यह सिलसिला जारी है. कुछ सफेदपोश नेताओं का संरक्षण भी तस्करों को मिल रहा है, जिससे कार्रवाई नाममात्र की हो रही है.

प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क विफल…

इस पूरे मामले में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) वन सिंह नेताम, लखनपुर तहसीलदार अंकिता पटेल और सहायक खनिज अधिकारी नेहा टंडन से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया. इससे साफ जाहिर होता है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर मौन साधे हुए है.

यह अवैध कारोबार न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि पर्यावरण को भी तबाह कर रहा है. नदी किनारे खड्डे खोदने से घुनघुट्टा नदी का पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है और स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका पर असर पड़ रहा है. हाल के महीनों में पुलिस ने कुछ मामलों में कार्रवाई की है, जैसे अमेरा खदान से कोयला चोरी के आरोप में बाइक और बोरे जब्त करना, लेकिन बड़े पैमाने पर यह खेल थम नहीं रहा.

ATD News
Author: ATD News

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