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February 4, 2026 10:15 am

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भाजपा कार्यकर्ता और विधायक डेढ़ करोड़ की प्रावधिक स्वीकृति का ढोल पीटते रहे, माह भर बाद भी नगर पंचायत को नहीं मिला आदेश

रिपोर्टर,,, कृष्ण नाथ टोप्पो,,,,,,बलरामपुर 

राजपुर — नगर पंचायत राजपुर में विकास कार्यों के नाम पर भाजपा कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय विधायक द्वारा लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की प्रावधिक स्वीकृति का लगातार प्रचार किया गया। सभाओं, बैठकों और सोशल मीडिया के माध्यम से इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन वास्तविकता यह है कि माह भर से अधिक समय बीत जाने के बावजूद नगर पंचायत कार्यालय को अब तक उक्त स्वीकृति से संबंधित कोई भी आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।

सूत्रों के अनुसार जिन कार्यों को स्वीकृति मिलने का दावा किया गया था, उनमें सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं शामिल थीं। इन घोषणाओं से नगर पंचायत के पार्षदों और आम नागरिकों में विकास कार्य शीघ्र शुरू होने की उम्मीद जगी थी, किंतु आदेश के अभाव में सभी योजनाएं कागजों तक ही सीमित रह गई हैं।

नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि शासन स्तर से लिखित स्वीकृति आदेश प्राप्त हुए बिना किसी भी विकास कार्य को प्रारंभ करना नियमों के विरुद्ध है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब तक केवल मौखिक जानकारी या राजनीतिक दावे ही सामने आए हैं, जबकि कोई आधिकारिक पत्राचार कार्यालय को प्राप्त नहीं हुआ है।

वहीं विपक्षी पार्षदों ने इस पूरे प्रकरण को जनता को गुमराह करने का प्रयास बताते हुए आरोप लगाया कि चुनावी अथवा राजनीतिक लाभ के लिए स्वीकृति का ढिंढोरा पीटा गया। उनका कहना है कि यदि वास्तव में स्वीकृति मिली है, तो उसका आधिकारिक आदेश सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

स्थानीय नागरिकों में भी इस स्थिति को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि नगर की मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं और विकास के नाम पर केवल घोषणाएं ही की जा रही हैं।

गौरतलब है कि सामरी विधायक उद्देश्वरी पैकरा द्वारा दिनांक 28 दिसंबर को अपने फेसबुक अकाउंट से नगर पंचायत राजपुर को डेढ़ करोड़ रुपये की प्रावधिक स्वीकृति प्राप्त होने संबंधी पत्र पोस्ट किया गया था। इस पोस्ट को भाजपा आईटी सेल प्रभारी शुभम सोनी द्वारा साझा करते हुए सुर्खियां बटोरने का प्रयास किया गया। हालांकि, माह भर बीत जाने के बाद भी जब नगर पंचायत को पत्र प्राप्त नहीं हुआ, तो इस संबंध में आईटी सेल प्रभारी शुभम सोनी से चर्चा करने पर उन्होंने कहा कि मामला अभी तकनीकी प्रक्रिया में है और कई बार प्रशासनिक औपचारिकताओं व विभागीय परीक्षण के कारण आदेश जारी होने में समय लग जाता है। इस बयान के साथ उन्होंने मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश की।

इस संबंध में नगर पंचायत राजपुर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी रविन्द्र लाल ने स्पष्ट कहा,

“नगर पंचायत को प्रावधिक स्वीकृति संबंधी कोई भी आदेश आज दिनांक तक प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र प्राप्त होने के बाद ही इस विषय में कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा।”

अब सवाल यह उठता है कि क्या डेढ़ करोड़ की प्रावधिक स्वीकृति का दावा वास्तव में आदेश का रूप ले पाएगा, या फिर यह भी अन्य घोषणाओं की तरह फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।

ATD News
Author: ATD News

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