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February 4, 2026 6:44 am

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राशन गबन के मामले में सहायक विक्रेता एवं खाद्य निरीक्षक की भूमिका संदिग्ध!

रिपोर्टर,,,, कृष्ण नाथ टोप्पो,,,, बलरामपुर 

राजपुर – सुर्खियों में रहने वाला ग्राम पंचायत नरसिंहपुर एक बार फिर राशन गबन के गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत गरीब हितग्राहियों को मिलने वाले राशन में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई है।

आरोप है कि राशन विक्रेता द्वारा दिसंबर माह का राशन वास्तविक वितरण किए बिना ही पोश मशीन में इंट्री कर दी गई, जिससे कागजों में वितरण पूर्ण दर्शा दिया गया, जबकि कई कार्डधारकों को एक दाना भी नसीब नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने राशन के संबंध में जानकारी ली तो उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि “राशन बाद में वितरित किया जाएगा”, जबकि वास्तविकता यह है कि अनेक गरीब परिवारों को अब तक दिसंबर माह का चावल, नमक व अन्य सामग्री प्राप्त नहीं हुई है।

मामले में सहायक विक्रेता के साथ-साथ खाद्य निरीक्षक की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौन सहमति और खाद्य विभाग की लापरवाही के बिना इतना बड़ा गबन संभव नहीं है। खाद्य विभाग के अधिकारियों पर जानबूझकर आंख मूंदे रहने और समय पर निरीक्षण न करने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, दोषी राशन विक्रेता व संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, तथा गबन किए गए राशन की तत्काल आपूर्ति की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

ज्ञात हो कि ग्राम पंचायत नरसिंहपुर में लगभग 500 राशन कार्डधारक हैं, जो शासन के नियमानुसार राशन लेने के पात्र हैं। इनमें से 300 से अधिक कार्डधारकों को दिसंबर माह का राशन अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। इस संबंध में खाद्य निरीक्षक को जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जब खाद्य निरीक्षक प्रशांत रजवाड़े से इस विषय में चर्चा की गई तो उनके द्वारा यह कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया गया कि “सहायक विक्रेता को राशन वितरण के निर्देश दे दिए गए हैं”। इससे खाद्य निरीक्षक की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत होती है।

वहीं ग्राम पंचायत नरसिंहपुर के उपसरपंच सतीश सिंह ने कहा कि सहायक विक्रेता द्वारा किया गया कृत्य अमानवीय है। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर तत्काल पंचायत बैठक आहूत की जाएगी, जिसमें सहायक विक्रेता के विरुद्ध कार्रवाई हेतु प्रस्ताव पारित कर उसे उच्चस्थ अधिकारियों को प्रेषित किया जाएगा।

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और खाद्य विभाग इस गंभीर प्रकरण को कितनी गंभीरता से लेते हैं, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।

ATD News
Author: ATD News

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