रिपोर्टर,,,, कृष्ण नाथ टोप्पो,,,, बलरामपुर
राजपुर. समर्थन मूल्य पर धान बेचने हेतु राजपुर तहसील क्षेत्र के किसानों को इस बार दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक ओर एगीस्टेक पोर्टल में लगातार तकनीकी त्रुटियों के कारण रकबा तथा फसल सुधार संबंधी कार्य के लिए किसानों को रोज़ाना तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तहसील परिसर में उनके बैठने, पेयजल व प्रसाधन जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।
किसानों ने बताया कि पंजीयन होने के बावजूद कई खसरा नंबरों में धान की जगह गन्ना दर्ज हो रहा है, जबकि कई किसानों का रकबा शून्य प्रदर्शित हो रहा है। इससे उपार्जन केंद्रों में धान की बिक्री संभव नहीं हो पा रही। किसानों का कहना है कि फसल गिरदावरी राजस्व विभाग द्वारा पहले ही करा दी गई थी, फिर भी पोर्टल पर गलत जानकारी अपडेट होने से उन्हें समर्थन मूल्य का लाभ लेने में कठिनाई आ रही है।
तहसील कार्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों किसान सुधार कार्य के लिए पहुँच रहे हैं। लंबी कतारें, धीमी प्रक्रिया और सुविधाओं के अभाव ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। किसान मजबूर होकर तहसील गेट एवं विभिन्न खिड़कियों पर अधिकारी-कर्मचारियों को ढूंढते और झांकते नजर आ रहे हैं।
किसानों ने प्रशासन से तकनीकी खामियों को शीघ्र दूर करने व तहसील परिसर में बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि उन्हें अत्यधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।



