Explore

Search

February 4, 2026 10:15 am

लेटेस्ट न्यूज़

कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव ने मैनपाट के बॉक्साइट खनन के प्रभावितों से की मुलाकात

अंबिकापुर. कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव जरिता लैतफलांग ने आज मैनपाट का दौरा कर बॉक्साइट खनन के प्रभावितों से मुलाकात किया। हाल ही में बॉक्साइट खदानों के लिए बिना किसी पूर्व सूचना के पर्यावरण स्वीकृति के लिए आयोजित सभा में स्थानीय निवासियों और प्रशासन के बीच संघर्ष की स्थिति निर्मित हो गई थी। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद छत्तीसगढ़ के उत्तरी जिलों में खनिजों के खनन को लेकर गंभीर टकराव की स्थिति बनी हुई है।कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व को नजर इन पर बनी हुई है। इस बात का अंदाजा इससे लगता है कि कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव जरिता लैतफलांग हालिया दौरा ऐसे ही क्षेत्रों पर केंद्रित रहा। रायगढ़ के तमनार के बाद परसोढि कला, फिर आज मैनपाट के दौरे के बाद उन्होंने कहा कि लगभग सभी जगहों पर यह स्पष्ट हुआ है कि स्थानीय निवासियों की मंशा और स्वीकृति के विपरीत खनन कंपनियों के मुनाफे के लिए सरकार अपने तंत्र का इस्तेमाल कर उन्हें बेदखल कर रही है। प्रभावित लोगों से मुलाकात के दौरान उनकी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरगुजा में पांचवीं अनुसूची लागू है। यह इसलिए लागू है ताकि यहां के जल, जंगल,जमीन पर आपका अधिकार कायम रहे। लेकिन छत्तीसगढ़ की मौजूदा भाजपा सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर आपके इस जल, जंगल और जमीन को लूट रही है। इस लूट के बाद पांचवीं अनुसूची से आपको मिले अधिकार बेमानी हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि आपके जल, जंगल, जमीन की लड़ाई में कांग्रेस आपके साथ है। कांग्रेस विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इन मुद्दों को जोर शोर के साथ उठाने की तैयारी कर रही है। प्रभावित ग्रामीणों की सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एक आदिवासी के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके आदिवासी समुदाय के हित में खड़े रहने की संभावना थी। लेकिन उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद पूंजीपतियों और कंपनियों के द्वारा आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन को बेखौफ होकर लुटा जा रहा है। इस दौरान जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष मो इस्लाम, डॉ लालचंद यादव, अनिल सिंह, बलराम यादव, तिलक बेहरा, अटल यादव, फूल साय लकड़ा, राजेश गुप्ता, संतोष गुप्ता, गणेश सोनी ,बदरुद्दीन इराक, अमित सिंह सहित मैनपाट ब्लॉक कांग्रेस के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।

लोकतांत्रिक संघर्ष का हिड़मा बनूँगा

30 दिसंबर की जनसुनवाई में एक आक्रोशित युवक ने मीडिया को यह कहकर सनसनी फैला दी थी कि ऐसी ही वजहों से लोग हिड़मा बनते हैं। फूलचंद मांझी नाम का यह युवक आज की मुलाकात के दौरान मौजूद था। बी एस सी द्वितीय वर्ष के इस छात्र ने कहा कि हिड़मा बोलने का यह आशय नहीं है कि हथियार उठाना चाहता हूँ। मैं अपने आदिवासी समाज के हक की लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ना चाहता हूँ। उसने कहा कि खनन के काम मे स्थानीय लोगों के लिए कोई रोजगार नहीं है। बॉक्साइट निकलने के बाद खनन कंपनियां भूखंडों को जस का तस छोड़ देती हैं। इसमें गिरने से मवेशियों के साथ ही स्थानीय निवासियों की भी मौत हो रही।

ATD News
Author: ATD News

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर