अंबिकापुर. सरगुजा जिले के सालही गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को अदाणी समूह की परसा कोल ब्लॉक (PCB) खदान में उतरकर दो घंटे तक काम रोक दिया और जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ने फर्जी ग्राम सभा करवाकर खदान की मंजूरी ली और उनकी जमीन से बड़े पैमाने पर कोयला निकाल लिया, लेकिन आज तक उचित मुआवजा, पुनर्वास और नुकसान का सही आकलन तक नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने खदान के अंदर पहुंचकर मशीनें रोक दीं और नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद अदाणी कंपनी के एचआर राम द्विवेदी, माइंस मैनेजर पुरुषोत्तम मरकाम सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण विभाग के मुख्य अधिकारी आज अवकाश पर हैं, इसलिए दस्तावेजों की जांच और मुआवजे के फैसले के लिए एक दिन का समय दिया जाए। इसके बाद ग्रामीण प्रदर्शन समाप्त कर लौट गए।
“आधी से ज्यादा जमीन खोद डाली, एक रुपया भी नहीं मिला”
सालही गांव के युवा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता राजा जय सिंह कुसरो ने अदाणी कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “कंपनी ने फर्जी ग्राम सभा दिखाकर खदान चलाने की अनुमति हासिल की। हमारी आधी से ज्यादा जमीन का कोयला निकाल लिया गया, लेकिन नुकसान का सही सर्वे तक नहीं हुआ। कई प्रभावित परिवारों को आज तक एक रुपया मुआवजा नहीं मिला। कंपनी हमें जबरन कम मुआवजा स्वीकार करने के लिए दबाव डाल रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि बार-बार मुआवजा, पुनर्वास और सही आकलन की मांग के बावजूद न तो कंपनी और न ही जिला प्रशासन कोई ठोस कदम उठा रहा है।
कलेक्टर का रवैया भी निराशाजनक
राजा जय सिंह कुसरो ने कलेक्टर पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया, “जब हम शिकायत लेकर कलेक्टर साहब के पास जाते हैं तो वे साफ कह देते हैं कि यह अदाणी और ग्रामीणों के बीच का मामला है, इसमें प्रशासन की ज्यादा भूमिका नहीं है।” ग्रामीणों का कहना है कि इससे उनके अधिकारों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर एक-दो दिन में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे फिर से बड़ा आंदोलन करेंगे। फिलहाल मामले ने जिले में तनाव पैदा कर दिया है।



