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March 22, 2026 12:59 am

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पूर्व उपमुख्यमंत्री के निर्देश पर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी अमेरा खदान में हुए पुलिस और ग्रामीणों के बीच मुठभेड़ की जायजा लेने पहुंचे 

अंबिकापुर. अमेरा खदान के विस्तार को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के मध्य हुए संघर्ष के उपरांत पूर्व उपमुख्यमंत्री टी0एस0 सिंहदेव के निर्देश पर आज जिला कांग्रेस कमेटी का दल कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में प्रभावित गांव परसोढीकला पहॅंुच वहां के ग्रामीणों से मुलाकात कर वस्तुस्थिति की जानकारी लिया। ग्रामीणों से बातचीत में यह जानकारी मिली कि ग्राम परसोढीकला की जमीन का आधिग्रहण कोल बेयरिंग एक्ट के अन्तर्गत ग्रामीणों की सहमती के बगैर कर लिया गया है। 15 ग्रामीणों को छोडकर किसी भी व्यक्ति ने मुआवजा की राशि को प्राप्त नहीं किया है। मुआवजा राशि का निर्धारण 2016 की कीमतों पर हुआ है जिससे भी ग्रामीण असंतुष्ट थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें जमीन के बदले नौकरी का आश्वासन दिया गया था, किंतु इस दिशा में भी एस0ई0सी0एल0 ने कोई प्रयास नहीं किया है। बुधवार को हुए संघर्ष के बाद गांव के करीब 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें 7 महिलाएं हैं। इनमें 1 नाबालिग भी है। ग्रामीणों का आरोप है कि जो लोग संघर्ष में शामिल नहीं थे उन्हें भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कांग्रेस के जांचदल ने पाया कि जमीन के जिस हिस्से से उत्खनन किया जाना है उसके चारो ओर चौडी नाली खोदकर उसे सीमांकित कर लिया गया है। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से कांग्रेस जांचदल को यह भी जानकारी मिली है कि भविष्य में अमेरा कोयला खदान का विस्तार पूरे परसोढीकलां गांव में होना है, जिससे लोगों के जमीन के साथ ही साथ गांव के निवासियों के विस्थापित होने का खतरा बना हुआ है। 

जमीन के जबरिया अधिग्रहण से नाराज ग्रामीणों में प्रशासन के रवैये को लेकर बेहद निराश है। ग्राम परसोढीकलां के पंचायत भवन के समीप कांग्रेस जांचदल से बात करते हुए महिलाएं रो रही थी। जांचदल से बात करते हुए महिलाएं बार-बार यह निवेदन कर रही थी कि सरकार को संदेश दे कि वो भले ही फ्री राशन बंद कर दे, महतारी वंदन में 1000/रु देना बंद कर दे, लेकिन उनकी जमीन और

घर को न उजाडे। ग्रामीणों से चर्चा के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस अधिग्रहण के विरुद्ध पूरे गांव की एकजुटता आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि पूर्व उपमुख्यमंत्री टी0एस0 सिंहदेव ने इस मामले को न्यायालय में ले जाने का आश्वासन दिया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने ग्रामीणों से यह भी निवेदन किया कि इस मामले में आक्रोशित होकर हिंसक कारवाई न करें। साथ ही उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा में उनसे यह भी निवेदन किया कि प्रशासन आमजन की सेवा के लिये है उसे कंपनियों के लठैतों की तरह बर्ताव नहीं करना चाहिये। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशीलता बरतने के साथ ही गिरफ्तार ग्रामीणों को रिहा करने का भी अनुरोध किया।

जांच दल में शामिल पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने सरगुजा में खनन के नाम पर हो रहे विनाश पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जबसे प्रदेश में भाजपा की सरकार आयी है तबसे अमेरा, हसदेव और मैनपाट में खनन के नाम पर स्थानीय निवासियों के साथ ज्यादतियां की जा रही है। ऐसा लगता है कि सरकार का लक्ष्य आमजन का हित न होकर पंूजीलाभ हो गया है। जांच दल के साथ अम्बिकापुर विक्रमादित्य सिंह, ग्रामीण कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष विनय शर्मा, अमित सिंह, मो0 इस्लाम, रामविनय सिंह, अनूप मेहता, गुरुप्रीत सिद्धू, जमील खान, लोकेश कुमार, विकल झा, प्रकाश सिंहदेव, सौरभ फिलिप, अविनाश कुमार, अमित सिंह, विरेन्द्र सिंहदेव आदि भी मौजूद थे।

सरकार जिनकी प्रतिनिधी है उनपर लाठियां बरसा रही है- टी0एस0 सिंहदेव

इस मामले को लेकर ट्विट करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री टी0एस0 सिंहदेव ने कहा है कि सरकार जिनकी प्रतिनिधी है वो उन्हीं पर लाठियां बरसा रही है। ग्राम परसोढीकलां में गुजरात की एक निजि कंपनी से सरकारी कंपनी के खदान का उत्खनन कराया जा रहा है और विरोध करने वाले ग्रामीणों पर पुलिस लाठीचार्ज कर रही है। यही गुजरात मॉडल है, जिसे देख वाराणसी और अयोध्या में भी देख रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के रोजगार और संसाधनो पर बाहर की कंपनियों और लोगों का कब्जा कराया जा रहा है और स्थानीय समुदाय की अनदेखी कर दी गई है। उन्होंने अपने ट्विट में कहा है कि सरकार का काम जनता की रक्षा करना है, उनपर लाठियां चलाना नहीं। छत्तीसगढ के लोगों के हक, जमीन और भविष्य का इस तरह दमन नहीं किया जा सकता।

ATD News
Author: ATD News

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