Explore

Search

February 4, 2026 6:43 am

लेटेस्ट न्यूज़

ब्रेकिंग : अमेरा कोल एक्सटेंशन खदान के विरोध में भड़का जनाक्रोश, पुलिस और ग्रामीणों में खूनी संघर्ष

अंबिकापुर. सरगुजा जिले के उदयपुर क्षेत्र में स्थित अमेरा कोल माइंस एक्सटेंशन को लेकर महीनों से चल रहा विवाद बुधवार को उस समय हिंसक हो गया जब सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण लाठी, डंडे, कुल्हाड़ी, गुलेल और पत्थरों से लैस होकर खदान के मुख्य गेट पर पहुंच गए और पुलिस बल पर हमला बोल दिया। इस टकराव में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, SDOP, थाना प्रभारी समेत 25 से अधिक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। आंदोलनकारी ग्रामीणों में भी दर्जनों लोग चोटिल हुए हैं।

अडानी ग्रुप द्वारा संचालित अमेरा ओपनकास्ट कोल माइन के एक्सटेंशन के लिए कई गांवों की हजारों एकड़ जमीन अधिग्रहण की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना उनकी सहमति और उचित मुआवजा दिए जबरन जमीन ली जा रही है। पर्यावरण और आजीविका को खतरा बताते हुए पिछले कई महीनों से ग्रामीण शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई सुनवाई न होने से आज वे उग्र हो गए।

सुबह से ही सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं और बच्चों सहित खदान गेट पर जमा हुए और काम रोकने की मांग करने लगे। जब पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई। ग्रामीणों ने गुलेल से पत्थर बरसाए, लाठी-डंडे और कुल्हाड़ियों से हमला किया। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। वहीं इस दौरान अतिरक्त पुलिस अधीक्षक, SDOP उदयपुर, थाना प्रभारी उदयपुर सहित 25 से अधिक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल। कई के सिर फटे, हाथ-पैर में गहरे जख्म। वहीं आंदोलन में शामिल दर्जनों ग्रामीणों को भी चोटें आईं, कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तुरंत अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर में भर्ती कराया गया है।

मौके पर तुरंत भारी पुलिस बल रवाना किया गया। आंसू गैस के गोले मंगवाए गए। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, ASP, SP सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद। आसपास के थानों से अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई है। धारा 144 लागू करने की तैयारी चल रही है।

फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। खदान का काम पूरी तरह ठप पड़ा है। प्रशासन हालात को काबू में करने की भरसक कोशिश कर रहा है, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक एक्सटेंशन प्रोजेक्ट को पूरी तरह रद्द नहीं किया जाता और उचित पुनर्वास व मुआवजा नहीं दिया जाता, वे आंदोलन जारी रखेंगे।

हमारी टीम लगातार इस खबर पर नजर बनाए हुए है। जैसे ही कोई नया अपडेट आएगा, सबसे पहले आपको सूचित किया जाएगा।

ATD News
Author: ATD News

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर