अंबिकापुर. भैंस के आगे बीन बजाने जैसे हो गई कानून व्यवस्था,शासकीय जमीन पर अवैध कब्जा की कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन यह कार्रवाई अगर एक पक्षीय हो तो इसे क्या नाम देंगे आप स्वयं अंदाजा लगा सकते है.
दरअसल बीते शनिवार को वन विभाग की टीम, बड़ी संख्या में पुलिस बल,राजस्व और निगम अमला, शहर के समीप स्थित ग्राम चोरकाकछार में अतिक्रमण कर बनाए गए करीब 40 मकानों पर बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया गया. बताया जा रहा है कि इससे पहले अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर स्वयं कब्जा हटाने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर पालन न होने पर प्रशासन ने बलपूर्वक कार्रवाई का रास्ता अपनाया. कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो, बताया गया कि जिस भूमि पर कब्जा किया गया था, वह पूरी तरह से वन भूमि है, जिस पर किसी भी प्रकार का निर्माण गैरकानूनी है, इस लिए कार्रवाई की गई.
एक पक्षीय कार्रवाई या अन्य क्षेत्रों की जमीन भी क्या जायेगा मुक्त…आपको बता दें यह कार्रवाई जरूरी था, लेकिन क्या शहर में शासकीय जमीन की बंदरबांट कर भू माफियाओं सहित अन्य लोगो ने शासकीय जमीन का आज भी खरीद बिक्री कर एक दूसरे को बेच रहे है,जैसे गंगापुर,गांधीनगर,फुंडूरडिहारी, बडनीझारिया सहित अन्य क्षेत्र है,जहां बेखौफ होकर लोग शासकीय जमीन पर घर बनाकर निवास कर रहे है,जिला प्रशासन को इनके ऊपर भी सख्त कार्रवाई जरूर करनी चाहिए ताकि,एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप इनपर न लगे,तब जाकर शहर के शासकीय भूमि इनके कब्जे से मुक्त हो सकेंगे.
बरहाल अब देखना होगा की,क्या प्रशासन शहर के उक्त क्षेत्रों की कब्जाधारियों पर किस तरह की कार्रवाई करती है या,भैंस के आगे बीन बजाने की बात सच होगी. यह आने वाले समय में देखने को जरूर मिलेगा.





